मंदिर बनेंगे आस्था के साथ जनसेवा और सामाजिक गतिविधियों के केंद्र । संजय शर्मा ।

समालखा । लोकेश झा।माधव सृष्टि, समालखा में शाश्वत हिंदू प्रतिष्ठान के तीन दिवसीय अभ्यास वर्ग एवं कार्यकारिणी बैठक की पूर्व संध्या पर संगठन की ओर से पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। इसमें संगठन के राष्ट्रीय महामंत्री संजय शर्मा ने संगठन की वर्तमान गतिविधियों और आगामी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। संजय शर्मा ने बताया कि संगठन का उद्देश्य मंदिरों को केवल पूजा-पाठ और भक्ति के केंद्र तक सीमित रखने के बजाय उन्हें सामाजिक गतिविधियों, जनकल्याण, सेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य और संस्कारों के केंद्र के रूप में विकसित करना है। इसी दिशा में संगठन द्वारा विभिन्न योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि संगठन की ओर से ‘शाश्वत प्रांगण’,शाश्वत कुशल’,शाश्वत बाजार’ शाश्वत कार्ड’ और ‘शांति सेवा योजना’ जैसी पहल प्रस्तावित की गई हैं। इन योजनाओं के माध्यम से युवाओं को अवसर उपलब्ध कराने, स्वरोजगार को बढ़ावा देने, तकनीकी माध्यमों से सहभागिता बढ़ाने तथा मंदिरों से जुड़े परिवारों को विभिन्न सेवाओं से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। राष्ट्रीय संयोजकों ने कहा कि मंदिर प्रांगण में स्वास्थ्य जांच, शिक्षा, कौशल विकास, स्वरोजगार, सेवा कार्य और संस्कार आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से काम किया जाएगा। संगठन का प्रयास रहेगा कि मंदिर समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने वाले सक्रिय केंद्र के रूप में विकसित हों । संगठन ने आगामी 3 से 5 वर्षों के दौरान ‘शाश्वत प्रांगण’, ‘शाश्वत देवालय’ और विभिन्न सेवा योजनाओं के विस्तार का लक्ष्य रखा है। पत्रकार वार्ता में संगठन की कार्ययोजना, सामाजिक सरोकारों और भविष्य की गतिविधियों को लेकर भी जानकारी साझा की गई ।
फोटो कैप्शन संजय शर्मा प्रेस वार्ता में जानकारी देते हुए




