भीषण गर्मी में मानवता का संदेश: विश्व सनातन संघ की जन-जन से अपील
पशु-पक्षियों की सेवा और पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान

जयपुर। भीषण गर्मी के इस दौर में जहां तापमान लगातार बढ़ रहा है, वहीं विश्व सनातन संघ ने समाज के सभी वर्गों से मानवता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सराहनीय पहल करने की अपील की है।
संघ द्वारा जारी विनम्र संदेश में कहा गया है कि गर्मी के इस कठिन समय में पशु-पक्षियों के लिए दाना और पानी की व्यवस्था करना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी बनती है। लोगों से आग्रह किया गया है कि वे अपने घरों की छतों पर दाना-पानी रखें, घर के बाहर जल की व्यवस्था करें तथा पेड़ों की छांव में भी पक्षियों के लिए पानी उपलब्ध करवाएं, ताकि वे इस भीषण गर्मी में राहत पा सकें।
इसके साथ ही संघ ने विशेष रूप से यह भी अपील की है कि किसी भी मांगलिक कार्यक्रम, जैसे विवाह, जन्मोत्सव या अन्य शुभ अवसरों—पर शुभकामनाओं के साथ कम से कम दो पेड़ लगाने की प्रेरणा दी जाए। इससे न केवल पर्यावरण शुद्ध होगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वायु और बेहतर जीवन भी मिलेगा। संघ ने जल संरक्षण पर भी जोर देते हुए कहा कि “जल ही जीवन है”, इसलिए हर व्यक्ति को पानी के महत्व को समझते हुए उसका सदुपयोग करना चाहिए। इस जन-जागरूकता अभियान में राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्र भान शर्मा, राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष संगीता शर्मा, राष्ट्रीय प्रभारी प्रभारी मिश्रा, राष्ट्रीय संयोजक निज्यानंद सरस्वती महाराज, राष्ट्रीय प्रवक्ता श्याम विट्ठल, राष्ट्रीय महासचिव डॉ. राकेश वशिष्ठ, राष्ट्रीय सलाहकार जेपी शर्मा, राष्ट्रीय सम्पर्क प्रमुख सत्येंद्र सिंह सिसोदिया, राष्ट्रीय सचिव रतन महाराज, धर्म प्रचारक, युवा अध्यक्ष दिव्यांशु शर्मा, उत्तराखंड प्रभारी वेणीराम उनीयाल, गुजरात अध्यक्ष राजेश गिरीश शर्मा, गुजरात महिला अध्यक्ष सरिता यादव, महाराष्ट्र प्रभारी मयुर मिश्रा एवं राष्ट्रीय युवा महासचिव अमृतांशु वत्स सहित सभी पदाधिकारियों ने आमजन से सहयोग की अपील की है।
संघ का मानना है कि यदि प्रत्येक व्यक्ति छोटी-छोटी जिम्मेदारियां निभाए, तो न केवल पशु-पक्षियों का जीवन बचाया जा सकता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक बड़ा कदम उठाया जा सकता है।




