डॉ दीपाली वार्ष्णेय के स्वास्थ्य मंत्रों से सजा कल्प प्रगीत आनंद मंच।
आदिगुरू शंकराचार्य, संत शिरोमणि सूरदास जी के जन्मोत्सव, भारतीय राष्ट्रीय प्रशासनिक सेवा दिवस पर आयोजित कार्यक्रम।

प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की कृपा से संचालित कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार की संवाद प्रभारी श्रीमती ज्योति राघव सिंह ने बताया कि आदिगुरू शंकराचार्य, संत शिरोमणि सूरदास जी के पावन जन्मोत्सव, एवं भारतीय राष्ट्रीय प्रशासनिक सेवा दिवस विशेष कल्प प्रगीत आनंद कार्यक्रम गरिमामय रूप से सम्पन्न हुआ।
आयोजन में जयपुर राजस्थान की सुजोक चिकित्सा पद्धति विशेषज्ञ एवं प्राकृतिक चिकित्सा विद्वान डॉ श्रीमती दीपाली वार्ष्णेय अग्रवाल ने मानवीय शरीर में वात पित्त और कफ की प्रवृत्ति के साथ ऋतु परिवर्तन के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव एवं उपचार के सहज उपलब्ध स्वास्थ्य मंत्र प्रदान किए। दर्शकों के प्रश्नों के उत्तर देते हुए उन्होंने स्वरचित काव्य रचना का वाचन कर कार्यक्रम को सुशोभित किया।
कल्प कथा संस्थापक दीदी श्रीमती राधा श्री शर्मा के कुशल मंच संचालन के यूट्यूब चैनल पर सीधे प्रसारण के कार्यक्रम में डॉ श्रीमती दीपाली वार्ष्णेय को उनकी समाज उपयोगी सेवाओं के लिए कल्प प्रणीत मान पत्रम से सम्मानित किया गया।
अंत में राष्ट्रगीत वन्दे मातरम् स्मरणोत्सव वर्ष में राष्ट्रगीत वन्दे मातरम् के गायन के पश्चात सर्वे भवन्तु सुखिन शान्ति पाठ के साथ कार्यक्रम को विश्राम दिया गया।




