रीको हटाओ, भैराणा धाम बचाओ: संतों ने जीवित समाधि स्थल किया चिन्हित
सरकार नहीं मानी तो संत लेंगे कठोर निर्णय, महंत पूरण दास जी महाराज का बयान

जयपुर/नांगल। भैराणा धाम को बचाने के लिए चल रही रीको हटाओ, भैराणा धाम बचाओ मुहिम अब गंभीर मोड़ पर पहुंच गई है। संत समाज द्वारा पूर्व में किए गए आह्वान के तहत, यदि सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती और रीको को यहां से अन्यत्र स्थानांतरित नहीं किया जाता, तो संत जीवित समाधि लेने जैसे कठोर कदम उठाने को मजबूर होंगे। इसी क्रम में संतों ने जीवित समाधि के लिए स्थल भी चिन्हित कर लिया है, जिससे पूरे क्षेत्र में चिंता और आक्रोश का माहौल है। इस निर्णय को लेकर संत समाज ने सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यह अत्यंत शर्म की बात है कि संतों को ऐसे कठोर कदम उठाने पर विवश होना पड़ रहा है।
महंत पूरण दास जी महाराज, दादू दयाल आश्रम नांगल ने कहा कि यह केवल सरकार के लिए ही नहीं, बल्कि समस्त दादू पंथ के अनुयायियों के लिए भी आत्ममंथन का विषय है। उन्होंने कहा कि हर दादू पंथी को यह सोचने की आवश्यकता है कि आखिर क्यों संतों को इस प्रकार का निर्णय लेना पड़ रहा है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भैराणा धाम जैसे पवित्र स्थल पर कोई अनहोनी होती है, तो इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार अलवर जिले के भानगढ़ में संतों के अभिशाप से किला उजड़ गया था, उसी प्रकार यदि संतों की पीड़ा अनसुनी रही तो इसके दूरगामी प्रभाव पड़ सकते हैं, जो केवल राजस्थान ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए चिंता का विषय बन सकता हैं। संत समाज ने सरकार से शीघ्र हस्तक्षेप कर इस मुद्दे का समाधान निकालने की मांग की है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।अन्यथा जो सरकार संतों और गो सेवा के नाम से बनी है उसका पतन निश्चित है अभी भी समय रहते सरकार संतों कि बात मान ले




