भारतेंदु नाट्य अकादमी में बच्चों ने जीवंत किया नाट्यशास्त्र का इतिहास, दर्शकों ने खूब सराही प्रस्तुति

अरविंद शर्मा ब्यूरो चीफ नज़र इन्डिया 24
लखनऊ। भारतेंदु नाट्य अकादमी, लखनऊ के रंगमंच पर रविवार को बनारस से आए बाल कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोह लिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत प्रस्तुत नाट्य मंचन ने न केवल मनोरंजन किया, बल्कि भारतीय रंग परंपरा और नाट्यशास्त्र की उत्पत्ति की कथा को भी अत्यंत प्रभावशाली ढंग से दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया।
नाटक के माध्यम से बच्चों ने यह दिखाया कि किस प्रकार देवताओं के आग्रह पर ब्रह्मा ने चारों वेदों के सार को लेकर नाट्यवेद की रचना की और महर्षि भरतमुनि को इसे पृथ्वी पर जन-जन तक पहुंचाने का दायित्व सौंपा। मंचन में नाट्यशास्त्र की उत्पत्ति, उसके उद्देश्य और समाज में उसकी उपयोगिता को सरल, रोचक और प्रभावशाली शैली में प्रस्तुत किया गया। संवाद, अभिनय, संगीत और भाव-भंगिमाओं के सुंदर समन्वय ने पूरे नाटक को जीवंत बना दिया।
कार्यक्रम की सबसे विशेष प्रस्तुति मिर्जापुर से आए मात्र 10 वर्षीय बाल कलाकार गुरु की रही। अपनी कम उम्र के बावजूद गुरु ने सशक्त अभिनय, प्रभावशाली संवाद अदायगी और आत्मविश्वास से भरपूर मंच उपस्थिति के दम पर दर्शकों की भरपूर वाहवाही बटोरी। उनके अभिनय ने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती।
कार्यक्रम में शामिल सभी बाल कलाकारों ने अपने-अपने पात्रों को पूरी निष्ठा और ऊर्जा के साथ निभाया। रंगमंच पर उनकी सहज अभिव्यक्ति, अनुशासित प्रस्तुति और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के प्रति समर्पण स्पष्ट दिखाई दिया। नाटक के विभिन्न दृश्यों में दर्शक कभी भाव-विभोर हुए तो कभी तालियों की गड़गड़ाहट से पूरे सभागार को गुंजायमान कर दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित दर्शकों ने कलाकारों के प्रयासों की मुक्त कंठ से सराहना की। अनेक लोगों ने कहा कि इस प्रकार के नाट्य मंचन नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, साहित्य और रंगमंच की समृद्ध परंपरा से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं। कार्यक्रम ने यह संदेश भी दिया कि यदि बच्चों को उचित मार्गदर्शन और मंच मिले तो वे अपनी प्रतिभा से किसी भी बड़े कलाकार की तरह दर्शकों को प्रभावित कर सकते हैं।भारतेंदु नाट्य अकादमी का यह आयोजन भारतीय नाट्य परंपरा, सांस्कृतिक मूल्यों और बाल प्रतिभाओं के अद्भुत संगम का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया। कार्यक्रम की सफल प्रस्तुति ने दर्शकों को ज्ञान, संस्कृति और उत्कृष्ट अभिनय का ऐसा अनुभव दिया, जिसे वे लंबे समय तक याद रखेंगे।




