नारी शक्ति के जागरण से ही होगा राष्ट्र निर्माण : डॉ.तिवारी
शक्तिपीठ परिसर में आयोजित हुआ एक दिवसीय नारी जागरण सम्मेलन

नानालाल आचार्य
नजर इंडिया 23
उदयपुर। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा एवं माताजी के आशीर्वाद से रविवार को सर्वऋतु विलास स्थित शक्तिपीठ परिसर में एक दिवसीय नारी जागरण सम्मेलन का आयोजन किया गया। गायत्री परिवार महिला मंडल की ओर से आयोजित इस सम्मेलन में मुख्य वक्ता डॉ. गायत्री तिवारी ने कहा कि महिलाओं को अपने स्वाभिमान के प्रति सजग रह कर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना होगा, महिलाएं सजग रहेंगी तो अपना देश भारत आसानी से विकसित व समृद्ध राष्ट्र की कतार में सबसे आगे आ खड़ा होगा। उन्होंने महिलाओं से घर की चारदीवारी से बाहर
निकलकर अपने ज्ञान, अनुभव और क्षमता का उपयोग समाज के हित में करने, महिलाओं से अपने दृष्टिकोण को व्यापक बनाने और समाज के प्रत्येक वर्ग के साथ मिलकर कार्य करने का आह्वान किया। आरएएस लतिका पालीवाल ने कहा कि
नारी शक्ति के जागरण से ही राष्ट्र निर्माण संभव है। महिला सशक्तिकरण देश निर्माण की आधारशिला है। आज महिलाएं केवल परिवार तक सीमित न रहकर समाज और राष्ट्र के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रक्षा सनाढ्य ने अपने उद्बोधन में महिलाओं को समाज में सकारात्मक बदलाव लाने, परिवार में संस्कारों का वातावरण तैयार करने तथा
नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ने का संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने महिला रोगों के प्रति जागरूकता बरतने की अपील की।
महिलाओं को समाज में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान
सम्मेलन के दौरान नारी जागरण की आवश्यकता, सुसंस्कारों का महत्व, माताजी
गुरुसत्ता का संदेश, नारी जागरण, समय प्रबंधन, युग निर्माण, उपासना, साधना एवं आराधना का महत्व तथा परिवार निर्माण में महिलाओं की भूमिका जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। गायत्री परिवार की बहनों ने विभिन्न विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत करते हुए सामाजिक परिवर्तन में
महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में शारदा पानेरी,
शारदा सनाढ्य, प्रियंका पानेरी, विजया दीदी, दुर्गा जोशी, वर्चस्वी मेनारिया ने युगवाणी, युगगीत की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए समाज में जागरूकता फैलाने का
संकल्प लिया। आयोजन में उदयपुर संभाग की 14 तहसीलों से आई बहनों ने
सहभागिता कर कार्यक्रम को सफल बनाया। संचालन गायत्री भट्ट एवं डॉ मेघा
उपाध्याय ने किया। आभार फतेहकुंवर सनाढ्य व शैली भटनागर दीदी ने ज्ञापित
किया।




