शब्दों की सरिता, कवियों का संगम – कशिश मंच बनेगा साहित्य का उत्सव — एडवोकेट पवन मल्होत्रा

कितना ही प्यारा मंजर होगा जब जे.पी.शर्मा जी दिल्ली आयेंगे,
14 सितम्बर को सम्पादक महोदय कशिश काव्य मंच की शोभा बढ़ायेंगे !
पिछले साल उन्होंने जयपुर में दिखलाई थी अपनी आवभगत,
अब हम उनको भी दिलवालों की दिल्ली से रूबरू करायेंगे !!
साहित्य वाचस्पति नीलम, सलोनी कशिश की विभूति बनकर आयेंगे,
*पदाधिकारी ये दोनों अपनी कला से मंच की शान बढ़ायेंगे !
साथ ही गोल्डी गीतकार विकास संग अपना रंग जमायेंगे,
नटखट पायल, रजनी बाला भी कुछ नया ही गुनगुनायेंगे !!
चन्दौसी से आनेवाले सुधीजन मंच पर अंगद सा पाँव जमायेंगे,
मंच पर सुखपाल गौर अपनी वाणी से इक नयी मोहकता लायेंगे !
उनकी प्रतिभाशाली टीम के सभी सदस्य कुछ अलग ही सुनायेंगे,
काव्य जगत के महारथी काव्य कुम्भ में अपना पराक्रम दिखायेंगे !!
नवीन पहल, मनोज प्रभाकर जब अपने गीतों से अलग ही समाँ बनायेंगे,
गुरमीत सिंह व मनोज अबोध क्यूँकर न कुछ न्यारा ही कर जायेंगे !
इंजी. खण्डेलवाल, डॉ मुरादाबादी अपने व्यंग्य से सबका मन हर्षायेंगे,*ल
पुनीता , शिवानी, सुमन मोहिनी सब के मन को छू कर जायेंगे !!
सहयोगी मंच है राब्ता, शिवम कबीर भी अपनी धाक जमायेंगे,
विवेक, नलिनी, अर्चना, सना, अनन्या कुछ अनोखा ही कर जायेंगे !
अरुण बत्रा और राजन ढींगरा अपनी अलग ही प्रस्तुति लाएंगे,
अलग अलग विधा के रचनाकार जुगलबंदी कर के दिखायेंगे !!
कंचन का संचालन और अगुवाई इंद्रधनुष बन झिलमिलायेंगे,
कशिश की मधुरता व कड़कपन दोनों ही अपना रंग दिखलायेंगे !
पवन मल्होत्रा संयोजक आप सबको सुनकर मंत्रमुग्ध हो जायेंगे,
खातिरदारी और अपनी व्यंग्य रचना से आपका मन गुदगुदायेंगे !!
पवन_मल्होत्रा_एडवोकेट




