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साहित्य संगम मंच की ऑनलाइन काव्य गोष्ठी में भक्ति रस की बही अविरल धारा
गुरुग्राम 28 मार्च 2026। गुरुग्राम,साहित्य को समर्पित मंच “साहित्य संगम मंच” की मासिक ऑनलाइन काव्य गोष्ठी आज शाम चार बजे…
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संतोष – सबसे बड़ा धन — मंजू शर्मा ‘मनस्विनी’
गो-धन, गज-धन, वाजि-धन और रतन-धन खान। जब आवत संतोष-धन, सब धन धूरि समान॥ यह दोहा मनुष्य जीवन की एक…
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संक्षिप्त लेख: नवरात्रि का आध्यात्मिक और वैज्ञानिक समन्वय — श्री पालजीभाई वी राठोड़ ‘प्रेम’ (सुरेंद्रनगर- गुजरात)
चैत्र माह शुक्ल पक्ष में नवरात्रि आते हैं। नवरात्रि एक हिंदू पर्व है जो नौ देवी की पूजा अर्चना की…
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“दहलीज़ के उस पार” — कविता साव पश्चिम बंगाल
नगर के बीचों-बीच एक पुरानी बस्ती थी,जहाँ घर तो पास-पास थे, पर दिलों के बीच दूरियाँ बहुत थीं। उसी बस्ती…
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मेरी चारधाम यात्रा: एक आध्यात्मिक अनुभूति’ — -डॉ.दक्षा जोशी’निर्झरा’
हिमालय की गोद में बसी चारधाम यात्रा (यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ) मेरे लिए मात्र एक भ्रमण नहीं, बल्कि…
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अनंत प्रेम — शिखा खुराना ‘कुमुदिनी’
रात सूनसान सुबह की ओर चुपचाप चली जा रही है पर नीरजा की आंखों से नींद गायब है। बिस्तर…
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भक्ति में अपार शक्ति है — सुनीता तिवारी”सरस”
कहानी एक छोटे से गाँव में गोपाल नाम का एक साधारण किसान रहता था। उसकी आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं…
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मां शबरी की भक्ति — सपना बबेले स्वरा
बहुत समय पहले एक वन में एक भीलनी रहती थी, जिसका नाम शबरी था। वह बचपन से ही दयालु…
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जीवन में रचनात्मकता आवश्यक है– राजेन्द्र परिहार सैनिक
जीवन अपना है,उस कैसे जीना है?? यह निर्णय भी हमें ही लेना है। जीवन में मनोरंजन और खुशमिजाज बनाए…
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माता -पिता -गुरु — महेन्द्र कुमार सिन्हा जय महासमुंद छत्तीसगढ़
कहते है कि माता पिता गुरु के चरणों में ही चारों धाम है।जब बालक जन्म लेता तो उसकी पहली…
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