स्कूल निरीक्षण में खुली पोल: घटिया खेल सामग्री, किताबों में गड़बड़ी
मंत्री दिलावर का औचक दौरा, शिक्षा विभाग में हड़कंप

डाॅ.चेतन ठठेरा स्वतंत्र पत्रकार। नज़र इंडिया 24
जयपुर। राजस्थान में तेज तर्रार शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर शिक्षा विभाग बिगड़े हुए ढांचे को सुधारने में लगातार लगे हुए हैं और इसी कड़ी में पिछले कुछ दिनों से प्रदेश सरकारी स्कूलों में अचानक बिना सूचना के निरीक्षण करने पहुंच जाते हैं और उनका यह सिलसिला जारी है इसी गाड़ी में मंत्री दिलावर शनिवार को कोटपूतली बहरोड जिले के विराटनगर और बहरोड में पीएम श्री राज के हायर सेकेंडरी स्कूल मैं भ्रष्टाचार गड़बड़ियों और अनियमितताओं की पोल खुल गई ।
मंत्री दिलावर जब शनिवार को सेवर कोटपूतली बहरोड जिले के विराटनगर स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय और बहरोड स्थित पीएम श्री राज के हायर सेकेंडरी स्कूल पहुंचे । प्रार्थना सभा के दौरान ही जब मंत्री दिलावर पहुंचे तो 29 के स्टाफ में से 10 शिक्षक की प्रार्थना सभा मिले तथा प्रिंसिपल भी पिछले चार दिनों से बिना सूचना के ही अवकाश पर थे। इंचार्ज ऋषि राज वर्मा ने बताया कि प्रिंसिपल अनिल कुमार देवरिया ने गॉलब्लैडर का ऑपरेशन कराया है। इसलिए पिछले 4 दिनों से वह अवकाश पर हैं। प्रिंसिपल के अलावा एक शिक्षक मेडिकल लीव पर हैं। और इनके अलावा बाकी 8 शिक्षकों की छुट्टी की कोई सूचना नहीं है।
*विद्यार्थियों के लिए घटिया खेल सामग्री खरीदी, खरीद में भ्रष्टाचार’?*
शिक्षा मंत्री दिलावर ने खेल के सामान की जांच की, जिसमें कई गड़बड़ियां पाई गईं। पूछताछ मे बताया गया की खेल का सामान मार्च में ही स्कूल को मिल गया था, लेकिन अब तक उसे खोला भी नहीं गया था। मंत्री दिलावर ने खेल सामग्री खुलवाकर जांच की तो पाया कि खेल किट में क्रिकेट बैट और विकेट लकड़ी के बजाय प्लास्टिक के थे। बैडमिंटन का नेट और रस्सी कूदने वाली रस्सी भी खराब प्लास्टिक की थी। यहां तक कि स्टॉप वॉच और वजन करने की मशीन भी काम नहीं कर रही थी। यह देख इस मंत्री ने भडकते हुए कहा कि खेल का सामान नियमों के अनुसार नहीं था। मंत्री दिलावर ने इस लापरवाही पर सवाल उठाया कि बच्चों के लिए इतना घटिया सामान क्यों खरीदा गया?
(सरकार की निशुल्क किताबों में भी गड़बड़ी मिली)
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि स्टॉक रजिस्टर के अनुसार, बच्चों के लिए मुफ्त किताबें 23 अगस्त को ही स्कूल में आ चुकी थी लेकिन इतने दिन बाद भी उन्हें बच्चों में नहीं वितरित गया था। मंत्री दिलाने जब स्टॉक रजिस्टर चेक किया तो स्टॉक रजिस्टर में किताबों की संख्या में भी बड़ी गड़बड़ी मिली। एक तरफ 182 किताबें दर्ज थीं, वहीं दूसरे विवरण में 2000 किताबों का वितरण दिखाया गया था। इसके अलावा, क्लास के हाजरी रजिस्टर भी शिक्षक की अलमारी में बंद मिले, जिस वजह से बच्चों की हाजिरी नहीं लगाई गई थी।
(केशबुक प्रिंसिपल के घर)
प्रिंसिपल के छुट्टी पर होने के कारण कैश बुक भी उनके घर पर मिली, जिसकी पुष्टि खुद प्रिंसिपल ने फोन पर की.
*CBEO खेत पर थे, मंत्री बोले- कार्रवाई करो*
निरीक्षण के समय जब मंत्री के स्टाफ ने विराटनगर के मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (CBEO) को स्कूल में बुलाया, तो उनका फोन घर पर छूट गया था और वे खेत पर गए हुए थे। बाद में जब उनका फोन आया, तो शिक्षा मंत्री ने उनकी इस लापरवाही पर सख्त नाराजगी जताई और उनके खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया। शिक्षा मंत्री का कहना है कि सरकार शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए पूरी तरह तैयार है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।




