संपन्नताओ से भरा भारत — महेन्द्र कुमार सिन्हा

हमारा देश भारत संपन्नताओ से भरा भारत है। हमारी संस्कृति संस्कार सभ्यता ही हमारी वास्तविक संपदा है, जोकि भारत को अन्य सभी देशों से अलग पहचान दिलाता है। भारत में विविध भाषा बोली पर्व त्यौहार लोक पर्व है। दीपावली होली दशहरा नवरात्रि पर्व संपूर्ण भारत मे बड़े ही हरषोल्लास के साथ मनाते है। भारत की मिट्टी में भारतीय संस्कृति संस्कार सभ्यता घुली हुई है। स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस हमारी राष्ट्रीय पर्व है। सभी भारत वासी मिल-जुल कर सभी पर्व मनाते है।
भारत एक धर्मनिरपेक्ष गणराज्य है।यहाँ सभी को अपनी त्यौहार पर्व मनाने की आजादी है।सब मिलकर उत्साह के साथ पर्व मनाते है।दीपावली का पर्व अपने आप में ही ज्ञान प्रकाश शाँति समृद्धि का पर्व है। भारत भौतिक और भौगोलिक रूप से भी संपन्न है।भारत में विविध प्रकार के खनिज संपदा है। लोहा कोयला हीरा सोना इत्यादि खनिज संपदा है। भौगोलिक रूप से भारत संपन्नताओ से भरा है। वन उपवन जलाशय नदियाँ सरोवर डोगरी पहाड़ से भरा है। विभिन्न प्रकार की फसलों की पैदावारी होती है। अतः हम कह सकते है कि संपन्नताओ से भरा भारत है। इसमें किसी प्रकार की कोई शंका की गुंजाइश नहीं है। वर्तमान में भारत और शक्ति संपन्न हो गया है।भारत आत्मनिर्भर भारत की ओर अग्रसर है। विकसित भारत अब कोरी कल्पना नहीं हकीकत बन रहा है।
महेन्द्र कुमार सिन्हा जय महासमुंद छत्तीसगढ़




