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चार्टर्ड अकाउंटेंट्स अब राष्ट्र निर्माण से आगे ग्लोबल निर्माण की ओर अग्रसर है : चरणज्योत सिंह नंदा

एक दुजे से संवाद कर देशहित का लिया संकल्प, देशभर से 1500 से अधिक सीए बने साक्षी - दो दिवसीय कॉफ्रेंस में नो सत्रों में हुई विभिन्न विषयों पर चर्चा

नानालाल आचार्य। नजऱ इंडिया 24

उदयपुर। झीलों की नगरी में 1500 से अधिक सीए की मौजूदगी में आयोजित दो दिवसीय नेशनल कॉन्फ्रेंस ‘प्रज्ञान’ का समापन मुख्य अतिथि इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ़ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष सीए चरणज्योत सिंह नंदा के जोश भरे संवाद के साथ हुआ। उन्होंने अपने उद्बोधन में बताया कि इंस्टिट्यूट अपने मेंबर्स व स्टूडेंट्स के विकास के लिए लगातार प्रयासरत है और सामाजिक बदलाव के अनुसार अपने नियम व कानून बनाता है। उन्होंने कहा की चार्टर्ड अकाउंटेंट्स अब राष्ट्र निर्माण से आगे ग्लोबल निर्माण की और अग्रसर है। उन्हाने डिजिटल मशीन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते स्वरूप में चार्टर्ड एकाउंटेंट्स को भी अपनी कार्यशैली में इनके समुचित उपयोग के प्रति जागरूक किया। 2 दिवसीय सम्मेलन जानकारियों को साझा करने का मंच है जहां परंपरा और नवाचार एक दूसरे को जोड़ते हैं। उन्होंने ऐतिहासिक कांफ्रेंस के लिए उदयपुर शाखा को बहुत बधाइयाँ दी।
उदयपुर शाखा चेयरमैन सीए राहुल माहेश्वरी ने बताया कि बतौर अतिथि सेंट्रल कौंसिल सदस्य सीए डॉ रोहित रूवाटिया अग्रवाल व ज्ञान चंद्र मिश्रा मौजूद थे । बोर्ड ऑफ़ स्टडीज के अध्यक्ष सीए डॉ रोहित रूवाटिया अग्रवाल ने बताया की इस वर्ष जरूरतमंद सीए छात्रों के लिए करीब 50 करोड़ रुपये की स्कालरशिप प्रदान की गई। इस वर्ष से फाउंडेशन छात्र भी स्कालरशिप के लिए पात्र है। उन्होंने कहा कि जीवन में ज्ञान होना महत्वपूर्ण नहीं है महत्वपूर्ण है ज्ञान को हमेशा अपडेट रखना। भारत सहित दुनिया में सीए के क्षेत्र में रोजाना नए-नए क्या अपडेट हो रहे हैं, क्या बदलाव हो रहे हैं उसकी नियमित जानकारी रखना जरूरी है। कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सभी को यही जानकारी प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा हैं। जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट से संबंधित न्यायिक विवाद पर गहनता से चर्चा की। उन्होंने माननीय सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा पारित महत्वपूर्ण निर्णयों के बारे में भी जानकारी दी।
– व्यवसायी के वार्षिक वित्तीय लेखा जोखा पर जानकारी दी

मीडिया प्रभारी सीए हितेष भदादा ने बताया की कांफ्रेंस के चतुर्थ तकनीकी सत्र में सेंट्रल कौंसिल सदस्य सीए प्रमोद जैन ने कॉर्पोरेट व नॉन कॉरपोरेट व्यवसायी के वार्षिक वित्तीय लेखा जोखा को कैसे सही तरीके से प्रस्तुत करें इस विषय पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होने कहां कि एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में, हमारी नयी जानकारी को सिखने की जिज्ञासा वित्त के क्षेत्र तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इन सीमाओं से परे है। मेरा मानना है कि सीए के रूप में, हमारी निरंतर सीखने और कौशल बढ़ाने की प्रतिबद्धता है। पांचवे सत्र में सेंट्रल कौंसिल सदस्य सीए जय छेडा ने औरा के द्वारा आज के परिप्रेक्ष्य में सदस्यों को तैयार रहने की जानकारी दी।
– ब्लैक मनी एक्ट पर पैनल डिस्कशन
मीडिया कमेटी को-चेयरमैन सीए सौरभ गोलछा ने बताया कि अंतिम सत्र में सीए टी.पी. ओस्तवाल व सीए हिमांशु गोयल ने ब्लैक मनी एक्ट पर पैनल डिस्कशन द्वारा सदस्यों को एक्ट की बारीकियों से अवगत कराया। लेकसिटी में दो दिनों तक बड़े बड़े उद्योगपतियों से लेकर आमजन के आमद खर्च का हिसाब रखने वालों का मजमा लगा रहा। दो दिवसीय कान्फ्रेन्स में इन्कम टेक्स, जीएसटी, कम्पनी अधिनियम, केपिटल मार्केट, सीए फर्मों की नेटवर्किगं व अमृत काल में देश की अर्थव्यवस्था के विभिन्न पहलू समेत अनेक विषयों पर चर्चा हुई। कांफ्रेंस के अंत में वैलेडिक्टरी सेशन में शाखा मैनेजमेंट सदस्यों ने कांफ्रेंस कमेटीस के को-चेयरमैन व सदस्यों का सम्मान किया व शाखा सचिव धर्मेंद्र कुमार कोठारी ने सबका आभार जताया। इस अवसर पर कार्यकारिणी सदस्य चिराग धर्मावत, कपिल जोशी, अरुणा गेलडा, अंशुल कटेजा का विशेष सहयोग रहा।
– राष्ट्रीय अध्यक्ष नंदा ने एआई और ईएसजी जैसे नए क्षेत्रों पर चर्चा की
शाखा अध्यक्ष सीए राहुल माहेश्वरी ने बताया की राष्ट्रीय अध्यक्ष सीए चरणजोत सिंह नंदा ने पत्रकार वार्ता में पत्रकारों से रूबरू होते हुए सीए इंस्टिट्यूट के संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होने पत्रकारों के सवालों का सहजता से उत्तर देते हुए संस्थान से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं, खासकर ऑडिटिंग को सीए की मुख्य विशेषज्ञता बनाए रखने पर जोर दिया। एआई और ईएसजी जैसे नए क्षेत्रों पर चर्चा की, और बताया कि कैसे उन्होंने संघर्षों से सीखते हुए उद्यमी बनने की प्रेरणा ली, जिससे पत्रकारों के सवालों के सहजता से जवाब दिए गए और भविष्य की दिशा बताई गई। नंदा ने इस बात पर भी जोर दिया कि ऑडिटिंग सीए की मुख्य विशेषज्ञता है और इसे बनाए रखना ज़रूरी है, जिस पर सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाई कोर्ट ने भी महत्वपूर्ण टिप्पणियां की हैं। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और ईएसजी (पर्यावरण, सामाजिक और शासन) जैसे उभरते क्षेत्रों पर भी बात की, जो सीए पेशे के भविष्य को आकार दे रहे हैं। उन्होंने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए आईसीएआई की योजनाओं और भविष्य की चुनौतियों पर विस्तार से जानकारी साझा की।

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