अंतर्राष्ट्रीय कलम के सशक्त हस्ताक्षर मंच द्वारा डॉ. मीरा कनौजिया काव्यांशी को किया सफल साक्षात्कार दाता सम्मान से सम्मानित

कानपुर। केंद्रीय विद्यालय संगठन, कानपुर की हिंदी शिक्षिका एवं वरिष्ठ कवयित्री डॉ. मीरा कनौजिया ‘काव्यांशी’ को अंतर्राष्ट्रीय कलम के सशक्त हस्ताक्षर मंच द्वारा “सफल साक्षात्कार दाता सम्मान” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान मंच की नवीन पहल साक्षात्कार कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदान किया गया।अंतर्राष्ट्रीय कलम के सशक्त हस्ताक्षर मंच की यह अनूठी पहल साहित्यकारों को विशेष रूप से आकर्षित कर रही है। मंच राष्ट्रीय स्तर से आगे बढ़कर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना रहा है। मंच द्वारा तीन दिवसीय साहित्यिक आयोजनों के अंतर्गत रचनाकारों से विभिन्न विषयों पर रचना सृजन करवाया जाता है, साथ ही मासिक काव्य-गोष्ठियों एवं सम्मान समारोहों का आयोजन किया जाता है। इसी कड़ी में मंच ने साहित्यकारों के साक्षात्कार की नई मुहिम प्रारंभ की है।
साक्षात्कार कार्यक्रम का प्रथम आयोजन स्ट्रीम यार्ड के माध्यम से यूट्यूब पर जीवंत प्रसारण के रूप में किया गया। इस क्रम में अब तक कई प्रतिष्ठित साहित्यकारों को सफल साक्षात्कार दाता सम्मान से नवाजा जा चुका है। इनमें बिहार की कवयित्री ज्योति कुमारी, शिकागो (अमेरिका) की कवयित्री व लेखिका दुर्गेश खरे, उन्नाव के साहित्यकार अवधेश कुमार श्रीवास्तव, कोलकाता के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. रामकुमार झा ‘निकुंज’, सिंगापुर की कवयित्री अंजलि किशोर कृति, गढ़वाल की कवयित्री नंदी बहुगुणा, पौड़ी गढ़वाल के साहित्यकार नरेश चंद्र उनियाल सहित अनेक नाम शामिल हैं। इसी क्रम में दसवें सफल साक्षात्कार दाता के रूप में डॉ. मीरा कनौजिया काव्यांशी को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर मंच के संस्थापक अध्यक्ष विनोद वर्मा दुर्गेश, अधीक्षक डॉ. मधुकर राव लारोकर ‘मधुर’, कार्यकारी अध्यक्षा मनीषा लाठी, उपाध्यक्ष रूपा माला, सह-अध्यक्षा सुषमा जोशी ‘रत्ती’, महासचिव नरेंद्र सिंह, सचिव डॉ. संदीप चौहान ‘मोहन’, व्यवस्थापिका दीपा शर्मा एवं कार्यक्रम संयोजक कपिल देव कृपाला ने सम्मान-पत्र को औपचारिक मान्यता प्रदान की। डॉ. मीरा कनौजिया काव्यांशी ने सम्मान प्राप्त करने पर मंच का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि साक्षात्कार जैसी पहल साहित्यकारों की उपलब्धियों को आम जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने मंच के संस्थापक अध्यक्ष एवं सभी पदाधिकारियों को इस अभिनव प्रयास के लिए बधाई दी। मंच की यह पहल देश-विदेश के साहित्यकारों को जोड़ते हुए साहित्य के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।




