मॉरीशस में गूंजेगा छोटी काशी का सनातन संदेश, जयपुर से पांच सदस्यीय विद्वान दल रवाना होगा

जयपुर। छोटी काशी जयपुर के विद्वानों की विद्वत्ता और भारतीय सनातन संस्कृति का संदेश अब अंतरराष्ट्रीय धरती पर भी गूंजेगा। विश्वनाथ जनता मंदिर सोसाइटी (वीजेएमएस), गुडलैंड्स, रिपब्लिक ऑफ मॉरीशस की ओर से आयोजित श्रावण महोत्सव-2026 में शिव कथा-प्रवचन एवं रुद्र महायज्ञ के लिए ज्योतिषाचार्य आचार्य डॉ. महेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में जयपुर से पांच सदस्यीय विद्वानों का दल बुधवार, 12 अगस्त को मॉरीशस रवाना होगा। गुडलैंड्स स्थित श्रीविश्वनाथ परिसर में आयोजित होने वाले महोत्सव में आचार्य डॉ. महेंद्र मिश्रा व्यास पीठ से शिव कथा का प्रवचन करेंगे। उनके नेतृत्व में श्री रुद्र महायज्ञ भी संपन्न होगा। इस दौरान भारतीय आध्यात्मिक ज्ञान-विज्ञान, सनातन संस्कार, संस्कृति, धर्म एवं जीवन मूल्यों से जुड़े विषयों पर भी विद्वानों द्वारा उद्बोधन दिए जाएंगे।आयोजकों के अनुसार, महोत्सव में मॉरीशस के प्रधानमंत्री सहित कई कैबिनेट मंत्रियों के सहभागिता करने तथा कथा श्रवण और यज्ञ में आहुतियां प्रदान करने की संभावना है। विश्वनाथ जनता मंदिर सोसाइटी द्वारा पिछले 11 वर्षों से श्रावण महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। कथा-प्रवचन, यज्ञ, अनुष्ठान एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से प्रवासी भारतीयों और स्थानीय लोगों को भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपरा से जोड़ने का प्रयास किया जाता है। जयपुर से जाने वाले पांच सदस्यीय दल में पं. कमलेश शास्त्री, पं. दीपक शास्त्री वृंदावन, आचार्य कमलेश अचलपुरा और पं. सौम्य शास्त्री शामिल हैं। दल मॉरीशस में श्रावण महोत्सव के अलावा अन्य धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजनों में भी सहभागिता करेगा।
आचार्य डॉ. महेंद्र मिश्रा को वर्ष 2016 में विश्वनाथ जनता मंदिर सोसाइटी, मॉरीशस द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएनए), मॉरीशस सरकार की टास्क फोर्स, भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय, राजस्थान संस्कृत अकादमी सहित विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है। उनके प्रमुख सम्मानों में ज्योतिष मार्तंड पं. जगन्नाथ सम्राट ज्योतिष सम्मान, याज्ञिक सम्राट, विवेकानंद गौरव सम्मान, पं. शिवचरण शास्त्री ज्योतिष सम्मान, मां शारदा अवार्ड, श्रीश्री याज्ञिक महासम्मान एवं श्रीगुरुदेव सेवा सम्मान शामिल हैं। आचार्य डॉ. महेंद्र मिश्रा ने कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा, आध्यात्मिक चेतना, संस्कार और सनातन संस्कृति को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने की सार्थक पहल है। उन्होंने कहा कि छोटी काशी के विद्वानों का यह प्रतिनिधिमंडल मॉरीशस में कथा, यज्ञ और आध्यात्मिक उद्बोधनों के माध्यम से भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का संदेश देगा।




