व्यापार नहीं, जनसेवा है मकसद : कौशल गौड़ ने साझा किए नाभि ऑयल के उपयोग के अनुभव

समालखा । लोकेश झा।70 वर्ष की आयु पार कर चुके कौशल गौड़ ने ‘गौड़बंधु नाभि ऑयल’ को लेकर एक होटल में प्रेसवार्ता कें दौरान अनेको लोगों के अनुभव और इसके इस्तेमाल की विधि साझा की। उन्होंने कहा कि इस उत्पाद को बाजार में लाने का उद्देश्य व्यापार करना नहीं बल्कि लोगों तक एक उपयोगी विकल्प पहुंचाना है। उनका कहना है कि यदि उनके प्रयास से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे लोगों को राहत मिलती है तो इससे बड़ी खुशी उनके लिए कुछ नहीं होगी। कौशल गौड़ के अनुसार नाभि में तेल के नियमित इस्तेमाल से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होने तथा कई स्वास्थ्य समस्याओं में राहत मिलने का दावा किया जाता है। उन्होंने विशेष रूप से पाचन और नींद में सुधार का उल्लेख करते हुए कहा कि पेट साफ रहने से शरीर की कई परेशानियों में लाभ महसूस हो सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इसके इस्तेमाल से शुुगर, हाइपरटेंशन, माइग्रेन, थायराइड, मांसपेशियों में दर्द और जोड़ों में दर्द, पैरालिसिस और पार्किंसन जैसी बीमारियों से पीड़ित कुछ लोगों ने इसके इस्तेमाल के बाद राहत महसूस होने की बात कही है।
कौशल गौड़ ने बताया कि उनका परिवार 9 पीढीयों से आयुर्वेद चिकित्सक रहे हैं। यह तेल नाभि में 3 बूंद तेल डालने के बाद करीब डेढ़ घंटे तक सीधे लेटना चाहिए ताकि तेल बाहर न निकले। उनके अनुसार इसका इस्तेमाल 24 घंटे में किसी भी समय किया जा सकता है। यदि दिन में दो बार डेढ़-डेढ़ घंटे का समय मिले तो दो बार इस्तेमाल करने की बात भी उन्होंने कही। उन्होंने बताया कि नियमित इस्तेमाल के करीब एक महीने में बदलाव महसूस होने का दावा किया जाता है। जबकि बेहतर और स्थायी परिणाम के लिए लंबे समय तक इस्तेमाल की सलाह दी जाती है।
हालांकि नाभि में तेल लगाने से इम्यूनिटी बढ़ने या हाइपरटेंशन, पार्किंसन जैसी बीमारियों में उपचारात्मक लाभ मिलने के दावों की स्वतंत्र चिकित्सकीय पुष्टि आवश्यक है। गंभीर बीमारी में डॉक्टर की सलाह और निर्धारित उपचार भी जरूरी हैं । फोटो कैप्शन कौशल गौड प्रेस वार्ता में जानकारी देते हुए




