चार लाख रुपये के चैक अनादरण का आरोपी दोषमुक्त|

भीलवाड़ा। विशिष्ट न्यायिक मजिस्ट्रेट एन. आई.एक्ट प्रकरण, न्यायालय संख्या 4, भीलवाड़ा ने 4 लाख रुपए के चेक अनादरण मामले में आरोपी देवीलाल को आरोपित अपराध धारा 138 एन. आई.एक्ट में दोषमुक्त किया है|
मामले में परिवादी सुनील मालवीय ने एक परिवाद इस आशय का पेश किया कि आरोपी देवीलाल ने निजी आवश्यकता हेतु चार लाख रूपये उधार लिए, जिसके भुगतान पेटे ₹4,00,000/- रूपये का चेक जारी किया जो अपर्याप्त निधि से अनादरित हुआ व नोटिस देने पर भी नोटिस अवधि में अभियुक्त ने चेक की राशि परिवादी को अदा नहीं की| न्यायालय के समक्ष परिवादी ने अपने परिवाद को साबित करने के लिए दस्तावेजी साक्ष्य व मौखिक बयान लेखबद्ध करवाये| आरोपी देवी लाल बेरवा की ओर से लिए गए बचाव में धारा 118 वे 139 एन. आई. एक्ट के अंतर्गत सृजित उपधारणा का खंडन किया गया और न्यायालय ने आरोपी की ओर से ली गई प्रतिरक्षा व प्रस्तुत दस्तावेजी व मौखिक साक्ष्य के आधार पर धारा 118 वे 139 एन. आई. एक्ट की अवधारणा का सृजन नहीं होना मानकर व परिवादी चेक अनादरण के तथ्य को न्यायालय के समक्ष साबित नहीं कर सका| इस आधार पर अपराध धारा 138 एन. आई. एक्ट के आरोप से देवीलाल पुत्र श्री भगीरथ बैरवा निवासी ढाकरियां खेड़ा तहसील माण्डल जिला भीलवाड़ा को दोषमुक्त किया गया है| परिवादी स्वयं अधिवक्ता है| अभियुक्त की ओर से पैरवी रमेशचंद शर्मा, कुशल चन्द्र साहू, आशीष गौतम ने की|
रमेशचंद शर्मा (एडवोकेट)
भीलवाड़ा




