गदाधर भगवान नारायण की भक्ति में सराबोर हुई कल्पकथा की 267वीं काव्यगोष्ठी

प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की कृपा से संचालित राष्ट्र प्रथम, हिन्दी भाषा, सनातन संस्कृति, एवं सद साहित्य हेतु कृत संकल्पित कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार द्वारा पौराणिक एवं भक्ति प्रसंग विशेष 267वीं साप्ताहिक ऑनलाइन काव्यगोष्ठी का आयोजन गदाधर भगवान नारायण विषय पर भक्तिरस, आध्यात्मिक चेतना और पौराणिक भावधारा के अनुपम संगम के रूप में संपन्न हुआ।
संवाद प्रभारी ज्योति राघव सिंह की सूचना के अनुसार कार्यक्रम का संचालन भास्कर सिंह माणिक ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अवधेश प्रसाद मिश्र ‘मधुप’ ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में मणिका वर्मा ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ गुरु वंदना, गणेश वंदना एवं सरस्वती वंदना के मंगलाचरण से हुआ। इसके पश्चात नितिशा दीक्षित ‘कौशल’, रमापति मौर्य, दीपिका वर्मा, नंदकिशोर बहुखंडी, ज्योति प्यासी, राकेश माहेश्वरी ‘काल्पनिक’, भास्कर सिंह माणिक, मणिका वर्मा, पण्डित अवधेश प्रसाद मिश्र ‘मधुप’, दीदी श्रीमती राधा श्री शर्मा एवं पवनेश मिश्र ने अपनी रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से गदाधर भगवान नारायण की महिमा का भावपूर्ण स्मरण किया।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में राष्ट्रगीत वन्दे मातरम् का भावपूर्ण गायन किया गया। राष्ट्रगीत वन्दे मातरम् के 150वें स्मरणोत्सव वर्ष के संदर्भ में हुआ यह राष्ट्रगीत-गायन भक्तिभाव से राष्ट्रचेतना की ओर आयोजन की भावयात्रा की गरिमामयी परिणति बना।
इसके उपरांत राधा श्री शर्मा ने आमंत्रित अतिथियों, सहभागी साहित्यकारों एवं दर्शकों के प्रति हृदयपूर्ण आभार व्यक्त किया। अंत में “सर्वे भवन्तु सुखिनः” के मंगलमय शांति-पाठ के साथ 267वीं कल्पकथा साप्ताहिक ऑनलाइन काव्यगोष्ठी को विश्राम प्रदान किया गया।




