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सुंदरता — सरोज पालीवाल

प्रकृति प्रदेश सुंदरता वस्तुत एक अलग बात किंतु वास्तविक सुंदर वह व्यक्ति है जो सताता एजेंसी रहकर सतत सज्जनशील रहकर समाज सामाजिक सरोकार सकारात्मक भूमिका निभाता है विचारशी एल एवं गतिशील था उसको सादे प्रेरित करती है सन्मर जी सन्मार्ग के लिए सज्जनशील व्यक्ति सब विचारों के साथ सदैव समाज के लिए सकारात्मक में योगदान देता है वह सदैव ही सुंदर लगता है प्रकृति प्रत्यय सौंदर्य समय के पश्चात काम हो सकता है लेकिन साहित्यिक प्रतिबद्धता सदैव की सुंदरता सुंदरतम बनाते है जय हिंद

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