मैत्रेयी त्रिपाठी “मुग्धा “ जी मातृभाषा रत्न मानद उपाधि से हुईं सम्मानित

नोएडा उत्तर प्रदेश (जिनका मूल जन्म स्थान गाजीपुर ज़मानियाँ है )की ख्याति प्राप्त कवयित्री तथा साहित्यकारा मैत्रेयी त्रिपाठी “मुग्धा “को विश्व स्तर पर 21 फरवरी को मनाए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के उपलक्ष्य पर *मातृ भाषा रत्न* की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया।नेपाल की प्रसिद्ध संस्था ‘शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउन्डेशन नेपाल’ द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के उपलक्ष्य में उत्कृष्ट साहित्यकार के रूप में मैत्रेयी त्रिपाठी “मुग्धा “को मातृभाषा रत्न की मानद उपाधि सम्मान से प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया है।
उल्लेखनीय है कि बीते वर्ष मुग्धा जी को “भारत रत्न अटल सम्मान “ से सम्मानित किया गया था।
इनकी सैकड़ों रचनाएं देश-विदेश की विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में एवं सांझा संकलनों में प्रकाशित हो चुकी है।साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दर्जनों प्रतिष्ठित सम्मान भी मिल चुके हैं।सम्मान ग्रहण करते हुए मैत्रेयी जी ने कहा कि हम सभी कवि-कवयित्रियों की कविता का मूल्यांकन अंतर्राष्ट्रीय संस्था द्वारा होना गौरव का विषय है। शब्द प्रतिभा निष्ठा और लगन से देश-विदेश के कवि, लेखक और साहित्यकारों को प्रोत्साहित करने का जो कार्य करती आई है, वह प्रशंसनीय है।आयोजित प्रतियोगिता में देश-विदेश से हजारों प्रतिभागियों की सहभागिता थी, जिसमें से उत्कृष्ट साहित्य के आधार पर कवि – कवयित्रियों का चयन किया गया है।
मैत्रेयी त्रिपाठी “मुग्धा “जी को सम्मानित करते हुए संस्था के अध्यक्ष आनन्द गिरि मायालु ने कहा कि मैत्रेयी त्रिपाठी “मुग्धा”जी बहुआयामिक व्यक्तित्व की धनी लेखिका और कवयित्री हैं। इनके लेखन में एक सहजता-सरलता पाई गई है, समाज को रूपांतरण करने की क्षमता रखती हैं। वह गद्य तथा पद्य विद्या में समान रूप से सृजन करती आई है। साथ ही वह एक सफल मंच संचालिका भी है, जो राष्ट्रीय स्तर पर मंचों का कुशल संचालन करती है। इनका काव्य संग्रह “भावों की पगडण्डी “भी प्रकाशित हो गया हैं।नेपाल से सम्मान का समाचार प्राप्त होते ही बड़ी संख्या में प्रो.आशा ‘पंकज’ मूँदडा के शुभचिंतकों और परिचितों द्वारा शुभकामनाएं प्रदान करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की मंगलकामनाएं व्यक्त की गई ।




