हिंदी भवन सभागार में भव्य पुस्तक-विमोचन समारोह डॉ. अंजू क्वात्रा की दो कृतियों का गरिमामय लोकार्पण, बाल प्रतिभा प्रनिका ने बिखेरा रंग

नई दिल्ली। राजधानी के प्रतिष्ठित हिंदी भवन सभागार में आयोजित एक भव्य समारोह में लेखिका एवं समाजसेविका डॉ. अंजू क्वात्रा की दो महत्त्वपूर्ण कृतियों — “शब्दों का सफ़र” तथा उनकी पौत्री प्रनिका क्वात्रा की मनमोहक चित्रकारी से सुसज्जित बाल कविता संग्रह “तितली के पर” — का लोकार्पण अत्यंत गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।
समारोह में साहित्य जगत की कई प्रतिष्ठित हस्तियों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की। पुस्तकों का विमोचन सुप्रसिद्ध साहित्यकार पंडित सुरेश नीरव, मधु मिश्रा, लक्ष्मीशंकर वाजपेई, ममता किरण तथा डॉ. सविता चड्ढा के करकमलों द्वारा संपन्न हुआ।
मुख्य अतिथियों ने अपने उद्बोधन में डॉ. अंजू क्वात्रा की साहित्यिक यात्रा, सामाजिक प्रतिबद्धता और “शब्दों का सफ़र” की भाव-संपन्न अभिव्यक्ति की सराहना की। वहीं “तितली के पर” को बाल-मन की कोमल संवेदनाओं और रचनात्मक कल्पना का सुंदर संगम बताते हुए विशेष प्रशंसा व्यक्त की गई। प्रनिका क्वात्रा की चित्रकारी को बाल प्रतिभा का सशक्त उदाहरण बताया गया, जिसने कृति को और अधिक आकर्षक बना दिया।
कार्यक्रम का प्रभावशाली संचालन उमंग सरीन जौली, कविता प्रभा तथा वीणा अग्रवाल ने किया। उनके सुस्पष्ट एवं संयमित मंच संचालन ने समारोह की गरिमा को नई ऊँचाई प्रदान की।
इस भव्य आयोजन का सफल संचालन काव्य कुमुद पब्लिशिंग मीडिया द्वारा किया गया। संस्था ने न केवल पुस्तकों का आकर्षक प्रकाशन किया, बल्कि समारोह को सुव्यवस्थित एवं यादगार बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अतिथियों एवं डॉ. अंजू क्वात्रा के परिवारजनों को सम्मानित किया गया तथा कार्यक्रम के पश्चात शानदार जलपान व्यवस्था ने सभी उपस्थित जनों के अनुभव को मधुर बना दिया। समग्र रूप से यह पुस्तक-विमोचन समारोह साहित्य, संस्कृति और पारिवारिक स्नेह का सुंदर समागम सिद्ध हुआ। डॉ. अंजू क्वात्रा की साहित्य-साधना तथा प्रनिका की उभरती सृजनात्मक प्रतिभा ने उपस्थित जनों के हृदय को स्पर्श किया। यह आयोजन लंबे समय तक साहित्यिक जगत में स्मरणीय रहेगा।
– शिखा खुराना ‘कुमुदिनी’




