कलमप्रिया लेखिका साहित्य संस्थान का वार्षिकोत्सव धूमधाम से संपन्न

सांसद मंजू शर्मा ने किया शशि सक्सेना की पुस्तक ‘मेरा शहर’ का विमोचन, साहित्यकारों का हुआ सम्मान
सुनीता त्रिपाठी ‘अजय’ | नज़र इंडिया
जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय परिसर में कलमप्रिया लेखिका साहित्य संस्थान का वार्षिकोत्सव एवं संस्थान की अध्यक्ष शशि सक्सेना की पुस्तक ‘मेरा शहर’ का विमोचन समारोह गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। साहित्य, संस्कृति, सृजन और सम्मान को समर्पित इस समारोह में साहित्यकारों एवं साहित्यप्रेमियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। समारोह का मुख्य आकर्षण सांसद मंजू शर्मा के कर-कमलों से पुस्तक ‘मेरा शहर’ का विमोचन रहा। विमोचन के पश्चात संस्थान की सदस्याओं ने हास्य नाटिका प्रस्तुत कर उपस्थित श्रोताओं को खूब गुदगुदाया। रितिका के निर्देशन में प्रस्तुत नाटिका में सदस्याओं ने विभिन्न किरदारों को जीवंत रूप देकर अपनी अभिनय प्रतिभा का परिचय दिया।

पुस्तक की समीक्षा विशिष्ट अतिथि नीलम शर्मा ने प्रस्तुत की। उन्होंने पुस्तक की साहित्यिक विशेषताओं एवं भावभूमि पर प्रकाश डालते हुए इसकी रचनात्मक महत्ता को रेखांकित किया। वहीं, आकाशवाणी की पूर्व कार्यक्रम प्रमुख रेशमा खान तथा प्रख्यात पंडित एवं संस्थापक अनुपम जॉली ने संस्थान की साहित्यिक यात्रा, रचनात्मक ऊर्जा और सक्रियता की सराहना की। उन्होंने संस्था को भविष्य में भी इसी उत्साह के साथ साहित्यिक गतिविधियां जारी रखने की शुभकामनाएं दीं।
समारोह में साहित्य के क्षेत्र में योगदान और संस्थान से जुड़ाव के लिए वरिष्ठ सदस्याओं सुषमा शर्मा, शशि पाठक, स्नेहलता, रंजना माथुर, उमा जोशी, प्रतिमा शर्मा और आभा सिंह सहित अन्य सदस्याओं को सम्मानित किया गया। उपस्थित साहित्यकारों का भी सम्मान कर उनके साहित्यिक योगदान के प्रति आदर व्यक्त किया गया।
साहित्यिक प्रस्तुतियों के अंतर्गत कंचना सक्सेना ने पुस्तक ‘मेरा शहर’ से चुनिंदा कविताओं का पाठ किया। उनकी प्रस्तुति ने श्रोताओं को पुस्तक की भावनात्मक एवं रचनात्मक दुनिया से रूबरू कराया। वहीं, पवनेश्वरी वर्मा ने संस्थान का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए वर्षभर की साहित्यिक गतिविधियों, उपलब्धियों और रचनात्मक आयोजनों की जानकारी दी। समारोह का कुशल संचालन डॉ. रागिनी ईश्वर ने किया। कार्यक्रम में रिया, मनोज, कल्पना, ललिता भोला, सुनीता त्रिपाठी ‘अजय’, हेमा सहित अनेक साहित्यकार एवं साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे। समारोह के अंतिम चरण में गरबा की मनमोहक प्रस्तुति ने आयोजन में सांस्कृतिक रंग भरते हुए माहौल को उत्साह और उमंग से सराबोर कर दिया।
कलमप्रिया लेखिका साहित्य संस्थान का यह वार्षिकोत्सव महिला लेखन, साहित्यिक अभिव्यक्ति, रचनात्मक सहयोग और साहित्यकारों के सम्मान का उत्सव बनकर सामने आया। पुस्तक विमोचन, काव्य-पाठ, हास्य नाटिका, सम्मान समारोह और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजे इस आयोजन ने साहित्य एवं संस्कृति के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।




