बुजुर्गों की अहमियत – डॉक्टर मीरा कनौजिया काव्यांशी

बुजुर्गों का जीवन , हमारे लिए नियामत है।
उनकी सेवाकरना सतत,हमारेलिए इबादत है।
इनका हमारे जीवन में रहना एक वरदान है ।
इनका हम सब मन से करें ,हमेशा सम्मान है।
यह हमारे जीवन के लिए है, अनमोल रतन ।
जिन्होंने हमको पालने में ,किये हजारों जतन।
इनकी फटकार को, हम मन से स्वीकार करें।
इनका हर क्षण,मन से सुंदर मनहर स्वागत करें।
इनका साथ, हमारी खुशियों का एहसास है।
इनका साथ, हमारा हर पल होता, खास है ।
उनके आचरण को हम सब, जीवन में उतारे।
उनकी उठ -बैठ में होते, मंगलमय वारे न्यारे।
किसी भी स्थिति में ,इनका साथ ना छोड़े हम ।
यह हमारे सहारे हैं ,इनको दुख न पहुंचाएं हम।
यह हमारी मूल संस्कृति की, आन बान शान है।
इनके अंदर छिपे, ज्ञान का करते हम गुणगान है।
हमारी पवित्र संस्कृति की नायाब, मिसाल है।
इनके आगे हम सबकी ,कोई नहीं बिसात हैं ।
उनकी शीतल छत्र छाया, हमें सींचती पालती है ।
उनकी जरा सी दूरी, हम सभी को सालती है।
डॉक्टर मीरा कनौजिया काव्यांशी




