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सावन : हरिहर का महीना- -डॉ. दक्षा जोशी’निर्झरा’ अहमदाबाद,गुजरात।

 

सावन केवल हरियाली का महीना नहीं, बल्कि हरि और हर के गहन मिलन का कालखंड है। इस मास में भगवान विष्णु शयन में जाते हैं और संपूर्ण सृष्टि का उत्तरदायित्व भगवान शिव संभालते हैं।
यह महीना कृष्ण के प्रेम और शिव के वैराग्य का अद्भुत संगम है। कृष्ण की बंसी जहां हमें बाह्य संसार में प्रेम और आनंद से जीना सिखाती है, वहीं शिव का ध्यान हमें भीतर की गहराइयों से जोड़ता है। सावन हमें संदेश देता है कि जीवन न तो केवल भोग है और न ही मात्र त्याग; यह दोनों का सुंदर संतुलन है।
जिस प्रकार बरसात धरती की शुष्कता को धोकर उसे हरा-भरा कर देती है, उसी प्रकार सावन की यह पावन बेला हमारे मन के अहंकार और द्वेष को धोकर शिव जैसा धैर्य और कृष्ण जैसी करुणा जगाती है। जब हृदय में यह भाव उतरता है, तभी जीवन वास्तव में सावन की तरह पवित्र और आनंदित बनता है।

-डॉ. दक्षा जोशी’निर्झरा’
अहमदाबाद,गुजरात।

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